अब व्यक्तिगत आयकर की गणना सीखेंगे कक्षा नौ के बच्चे, NCERT ने पहली बार स्कूली कोर्स में शामिल किया नया पाठ्यक्रम - class 9 students will now learn how to calculate personal income tax ncert
अब व्यक्तिगत आयकर की गणना सीखेंगे कक्षा नौ के बच्चे, NCERT ने पहली बार स्कूली कोर्स में शामिल किया नया पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत वित्तीय साक्षरता…

सौजन्य से:- Jagran
अब व्यक्तिगत आयकर की गणना सीखेंगे कक्षा नौ के बच्चे, NCERT ने पहली बार स्कूली कोर्स में शामिल किया नया पाठ्यक्रम
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए ...और पढ़ें
HighLights
- एनसीईआरटी ने पहली बार स्कूली कोर्स में व्यक्तिगत आयकर को शामिल किया
- न्यू रिजीम के तहत स्लैब के हिसाब से आयकर की गणना समझाई जाएगी
पीटीआई, नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए पहली बार कक्षा नौ के पाठ्यक्रम में व्यक्तिगत आयकर को शामिल किया है।
सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक "भारत और उससे बाहर समाज को समझना-भाग 2" में व्यक्तिगत आयकर की गणना को एक नए अध्याय के रूप में जोड़ा गया है।
एनसीईआरटी के प्रमुख दिनेश प्रसाद सकलानी ने बताया कि छात्र नई व्यवस्था (न्यू रिजीम) के तहत स्लैब के हिसाब से आयकर की वास्तविक गणना को समझ सकते हैं। इस आयु के बच्चों को पहली बार टैक्स स्लैब के बारे में पढ़ाया जाएगा।
"अपनी व्यक्तिगत आय का प्रबंधन करना" शीर्षक वाले अध्याय में कहा गया है कि पैसे का प्रबंधन करने की यात्रा बचपन से ही शुरू हो जाती है। इस अध्याय में नई आयकर व्यवस्था के तहत टैक्स स्लैब की एक तालिका दी गई है।
इसमें स्लैब के अनुसार कर की देनदारी का हिसाब लगाने के तरीके भी विस्तार से बताए गए हैं। इसमें पुरानी कर व्यवस्था (ओल्ड रिजीम) का कोई उल्लेख नहीं है।
उल्लेखनीय है कि नई कर व्यवस्था को एक अप्रैल, 2023 से "डिफाल्ट" बना दिया गया है। इसका मतलब है कि करदाताओं को अपने-आप इसमें शामिल कर लिया जाता है, जब तक कि वे खास तौर पर पुरानी व्यवस्था को न चुनें।
मध्यकाल में राजनीतिक सत्ता को भी वैधता देते थे मंदिर
कक्षा नौ के सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में कहा गया है कि 1000-1700 ईस्वी (मध्यकाल) के दौरान मंदिर न केवल महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थान थे, बल्कि राजनीतिक सत्ता को वैधता देने का काम भी करते थे।
उस कालखंड में मंदिर सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक जीवन के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में कार्य करते थे। प्रतिरोध का विचार केवल लड़ाइयों और राजनीतिक संघर्षों तक ही सीमित नहीं है।
इसमें संस्थाओं और परंपराओं को बचाए रखना भी शामिल है, जिसमें मंदिरों की अहम भूमिका है। इन मंदिरों के देवताओं को राज्य और वहां के लोगों का रक्षक माना जाता था।
कुछ मामलों में देवता को ही शासक माना जाता था, जबकि शासक देवता के प्रतिनिधि के तौर पर शासन करता था।
उदाहरण के लिए ओडिशा के गजपति शासक खुद को जगन्नाथ का 'राउत' (उप-शासक) कहते थे। जयपुर के कछवाहा शासक गोविंददेवजी की ओर से शासन करते थे, जबकि कोटा के राजपूत शासक खुद को भगवान राम का प्रतिनिधि मानते थे।
Powered by शिक्षा खबर Skillogy
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
गोड्डा में अदाणी कौशल विकास की नई शुरुआत, फिटर-मैकेनिकल और डाटा एंट्री के चार प्रशिक्षण बैच शुरू

आईटीआई गंगेश्वरी में युवाओं को मिली कौशल विकास की जानकारी: केंद्र-राज्य की योजनाओं और रोजगार के अवसरों पर हुआ संवाद - Burawali(Gangeshwari) News

सीबीएसई कौशल विकास प्रशिक्षण में 13 स्कूलों के 53 शिक्षकों ने लिया हिस्सा - Ludhiana News

कौशल विकास प्रशिक्षण में शिक्षकों को दिए उपयोगी टिप्स

Delhi NCR News: चाय-बागान समुदायों के कौशल विकास पर जामिया में मंथन

Nawada News: प्रशिक्षण से स्कूली शिक्षा में सकारात्मक बदलाव होगा संभव

प्रशिक्षण से स्कूली शिक्षा में सकारात्मक बदलाव होगा संभव

Una News: भटोली कॉलेज में विद्यार्थियों को दिया रोजगारपरक प्रशिक्षण
ताज़ा ख़बरें
- गोपालगंज: ग्राम विकास योजनाओं का प्रशिक्षण शुरू
- गाजीपुर में 'हुनर की पाठशाला' चलेगी: नई शिक्षा नीति के तहत व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा, ड्रीम लैब और फ्यूचर स्किल हब भी बनेंगे - Karahiya(Sevrai) News
- Mandi News: प्राथमिक शिक्षकों को एफएलएन और नई शिक्षा नीति का दिया प्रशिक्षण
- AI सीखें सरकार से: फ्री ट्रेनिंग, ये हैं कोर्स
- Sonipat News: विद्यार्थियों को कौशल विकास के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की दी जानकारी
- ऊना: डीसी बोले- युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बनेगी प्रभावी कार्ययोजना
- पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कैंपस में ही तैयार होंगे विद्यार्थी, प्रशिक्षण से प्लेसमेंट तक की होगी पूरी व्यवस्था - students will be prepared on the campus of purvanchal university
- Amroha News: जिस विषय में अटक रहे बच्चे, बोर्ड परीक्षा से पहले उसी पर होगा फोकस

