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झारखंड के सरकारी स्कूलों में राजस्थान मॉडल से चमकेगी शिक्षा की तस्वीर

झारखंड के सरकारी स्कूलों में राजस्थान मॉडल से चमकेगी शिक्षा की तस्वीर झारखंड के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए प्रधानाध्यापकों को नेतृत्व प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 82 स्कूलों के प्रधानाध्या…

26 सितंबर 2026 को 10:02 pm बजे
झारखंड के सरकारी स्कूलों में राजस्थान मॉडल से चमकेगी शिक्षा की तस्वीर

सौजन्य से:- Hindustan

झारखंड के सरकारी स्कूलों में राजस्थान मॉडल से चमकेगी शिक्षा की तस्वीर

झारखंड के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए प्रधानाध्यापकों को नेतृत्व प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 82 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को 16 से 23 सितंबर तक राजस्थान में प्रशिक्षण दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालय प्रबंधन और शिक्षण पद्धतियों में नवाचार को बढ़ावा देना है।

झारखंड के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप नेतृत्व विकसित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इस कड़ी में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के संयुक्त तत्वावधान में विद्यालय प्रमाणीकरण में गोल्ड श्रेणी हासिल करने वाले राज्य के 82 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को राजस्थान के झुंझुनू जिले के बगड़ स्थित पिरमल स्कूल ऑफ लीडरशिप में 16 से 23 सितंबर तक सात दिवसीय आवासीय नेतृत्व प्रशिक्षण दिया गया। इस यात्रा और प्रशिक्षण का पूरा खर्च झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा वहन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रधानाध्यापकों में आधुनिक स्कूल नेतृत्व क्षमता विकसित करना, विद्यालय प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना और शिक्षण पद्धतियों में नवाचार को बढ़ावा देना था। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति और बदलते सामाजिक परिवेश में विद्यालयों की बदलती भूमिका पर चर्चा की गई। इसके अलावा रचनात्मकता, सोशल इमोशनल एथिकल लर्निंग, विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया, नए मूल्यांकन तरीकों, विभिन्न प्रकार की बुद्धिमत्ता और सांस्कृतिक विविधता को समझने जैसे महत्वपूर्ण नेतृत्व कौशलों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिससे व्यक्तिगत, शैक्षणिक, संगठनात्मक और सामाजिक नेतृत्व का समग्र विकास हो सके。

पूर्वी सिंहभूम से 10 शिक्षक शामिल

इस पांच दिवसीय कार्यक्रम को केवल सैद्धांतिक स्तर तक सीमित न रखते हुए व्यावहारिक अनुभव पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने राजस्थान के स्थानीय विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों का अध्ययन भ्रमण किया, जहां उन्होंने वहां की उन्नत व्यवस्था, प्रशासनिक नवाचारों और सफल नेतृत्व मॉडल को करीब से समझा। प्रधानाध्यापकों ने इन प्रयोगों और कार्यप्रणालियों का बारीकी से अध्ययन किया, ताकि वे झारखंड लौटने के बाद अपने विद्यालयों में इन सफल मॉडल को लागू कर सकें। इस पहल से झारखंड के सरकारी विद्यालयों में न केवल प्रशासनिक कसावट आएगी, बल्कि शैक्षणिक वातावरण भी अधिक प्रभावी और छात्र केंद्रित बनेगा। राज्य सरकार की इस पहल से सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने और वहां की शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की मजबूत उम्मीद जगी है।

पूर्वी सिंहभूम से 10 शिक्षक शामिल

इस प्रशिक्षण में पूर्वी सिंहभूम के 10 शिक्षकों को शामिल किया गया। इसमें अपग्रेडेड गवर्नमेंट प्लस टू स्कूल बहरागोड़ा के रूपसिंह गोराई, डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बीपीएम बर्मामाइंस की रंजीता गांधी और अपग्रेडेड गवर्नमेंट प्लस टू स्कूल मिलनबिथी ज्वालकाता के संदीप कुमार दास शामिल हैं। इसके अलावा प्लस टू हाईस्कूल केशरदा के आशीष कुमार घोष, एलबीएस प्लस टू हाईस्कूल जयपुरा के आनंद मधुकर, उत्क्रमित हाईस्कूल गोबराघुसी के उपेन्द्र बेसरा और उत्क्रमित हाईस्कूल बाधुरिया के बरुण कुमार दास का नाम भी इसमें शामिल है। साथ ही उत्क्रमित हाईस्कूल गुड़ाबांदा के अनुराग पांडे, एसएचएस मधाबपुर के बिप्लव कुमार बेरा और मॉडल स्कूल धालभूमगढ़ के कुमार दास शामिल हैं।

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