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प्रशिक्षण कार्यक्रम से विद्यार्थियों को औद्योगिक कौशल से जोड़ने में मदद - dainiktribuneonline.com

'प्रशिक्षण कार्यक्रम से विद्यार्थियों को औद्योगिक कौशल से जोड़ने में मदद' गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज में कौशल विकास पर कार्यशाला का आयोजन गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज, संतपुरा, यमुनानगर के जीवन विज्ञान विभाग द्वारा 'प्रायोगिक रूप…

22 सितंबर 2026 को 12:02 am बजे
प्रशिक्षण कार्यक्रम से विद्यार्थियों को औद्योगिक कौशल से जोड़ने में मदद - dainiktribuneonline.com

सौजन्य से:- Dainik Tribune

'प्रशिक्षण कार्यक्रम से विद्यार्थियों को औद्योगिक कौशल से जोड़ने में मदद'

गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज में कौशल विकास पर कार्यशाला का आयोजन

गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज, संतपुरा, यमुनानगर के जीवन विज्ञान विभाग द्वारा 'प्रायोगिक रूप से सीखना और विज्ञान को शिक्षा से उद्योग तक ले जाना' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सह हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास प्रमाणपत्र कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विकसित भारत अभियान-2047 के तहत सीआरआईएस डीएनए लैब्स (सेंटर फॉर रिसर्च एंड इनोवेटिव साइंटिफिक स्टडीज), देहरादून और एकेडमी ऑफ साइंस, हेल्थ एंड नॉलेज (अशोक) के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ कॉलेज निर्देशिका डॉ. वरिंदर गांधी एवं प्राचार्या डॉ. सुखविंदर कौर द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर निर्देशिका डॉ. वरिंदर गांधी ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को शिक्षा को औद्योगिक कौशल से जोड़ने में मदद करते हैं।

प्राचार्या डॉ. सुखविंदर कौर ने कहा कि भविष्य में भी प्रायोगिक शिक्षा प्रदान करने के लिए इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता रहेगा। दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान सीआरआईएस डीएनए लैब्स के प्रख्यात विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया। सीआरआईएस डीएनए लैब्स, देहरादून के संस्थापक, प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख डॉ. नरोत्तम शर्मा ने पीसीआर और उसके प्रकारों पर सत्र लिया।

डॉ. अंकिता सिंह ने न्यूक्लिक एसिड एक्सट्रैक्शन (डीएनए और आरएनए आइसोलेशन) का प्रदर्शन किया जबकि रितिक डोगरा ने एग्रोस जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस और एसडीएस पेज तकनीक और उसके प्रकारों पर प्रशिक्षण दिया तथा विपिन नौटियाल ने एलिसा तकनीक और उसके प्रकारों पर प्रायोगिक सत्र आयोजित किया। इस कार्यशाला में जीवन विज्ञान विभाग एवं इंटीग्रेटेड बीएससी बीएड की कुल 94 छात्राओं ने भाग लिया और औद्योगिक तकनीकों को प्रायोगिक रूप से सीखा।

इस अवसर पर जीवन विज्ञान विभाग की प्राध्यापिकाओं तरनदीप कौर, दीपिका रानी, डॉ. मनदीप कौर, ऋतु, रिति, पल्लवी एवं अंशुल ने कार्यशाला का आयोजन किया और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों के बारे में अपने ज्ञान को भी अद्यतन किया।

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