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रट्टा मार डिग्री लेने का जमाना गया; समझाई नई शिक्षा नीति - Jagdalpur News

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20 सितंबर 2026 को 01:02 am बजे
रट्टा मार डिग्री लेने का जमाना गया; समझाई नई शिक्षा नीति - Jagdalpur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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रट्टा मार डिग्री लेने का जमाना गया; समझाई नई शिक्षा नीति

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भास्कर न्यूज | जगदलपुर

बस्तर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) पर विशेष जागरूकता एवं मार्गदर्शन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कला एवं मानविकी अध्ययनशाला की ओर से आयोजित इस वर्कशॉप में सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने वाले नए छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा में आए ऐतिहासिक बदलावों से रूबरू कराया गया।

विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को स्पष्ट किया कि अब कॉलेज की पढ़ाई सिर्फ रट्टा मारकर डिग्री हासिल करने का जरिया नहीं रही। इसमें कौशल, रोजगारपरकता और व्यावहारिक दक्षताओं का समावेश हो चुका है। वर्कशॉप में एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) और मल्टीपल एंट्री-एग्जिट जैसे जटिल नियमों को बेहद सरल उदाहरणों से समझाया गया।

पीपीटी से डिकोड हुआ नया सिलेबस: डीएससी और एसईसी का गणित समझाया: कार्यशाला के तकनीकी सत्र में डॉ. राकेश कुमार खारवार ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए सेमेस्टर-वार पाठ्यक्रम संरचना को विस्तार से स्पष्ट किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि डीएससी व डीएसई में मुख्य विषय के कोर और ऐच्छिक पेपर किस तरह विषय की मजबूत नींव तैयार करते हैं। एईसी व एसईसी में भाषा-क्षमता और कौशल-विकास से जुड़े कोर्स छात्रों को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करेंगे।

जीई में बहु-विषयक (मल्टी-डिसिप्लिनरी) चयन से छात्र अपने मुख्य विषय से इतर अन्य क्षेत्रों में भी ज्ञान अर्जित कर सकेंगे। दूसरे वक्ता डॉ. भुवनेश्वर लाल साहू ने कहा कि एनईपी विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व और रचनात्मकता को निखारने का जरिया है। डॉ. सियालाल नाग ने छात्रों से कहा कि बदलते शिक्षा-परिदृश्य के अवसरों को भुनाने के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार रखें। कार्यक्रम का संचालन प्रेमजीत निराला ने किया।

डीएसडब्ल्यू डॉ. समीर ठाकुर ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान देवेंद्र कुमार, प्रकाश नारायण सिंह, रिया रानी उइके सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। प्रो. मणिशंकर मिश्रा, विभागाध्यक्ष एनईपी पारंपरिक भारतीय शिक्षा पद्धति से लेकर औपनिवेशिक काल और आधुनिक भारत तक हमारी शिक्षा व्यवस्था ने कई दौर देखे हैं। आज की सबसे बड़ी जरूरत यह है कि शिक्षा को सिर्फ कागजी डिग्री हासिल करने तक सीमित न रखा जाए।

एनईपी 2020 विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का संतुलित दस्तावेज है। एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और मल्टीपल एंट्री एवं एग्जिट जैसे प्रावधान छात्रों को अपनी सुविधानुसार पढ़ाई जारी रखने या बीच में रोककर दोबारा शुरू करने की आजादी देते हैं। यह नीति हर छात्र को एक साथ कई विषय सीखने का अवसर देती है। यह उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाती है।

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